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Good Evening :- हमने खामोश रहकर भी महसूस कर ली तेरी आवाज आई हर



वो भी क्या शाम थी जब पंछी घोसलो में आते थे
अब तो हर रोज सिर्फ सीरियल घर आते है



ठहर कर कभी सूरज देखता नहीं
तभी रोज शाम संवरती है उसके लिए



जिंदगी की हर सुबह
कुछ शर्ते लेकर आती है
और जिंदगी की हर शाम
कुछ तजुर्बे देकर जाती है



रात हुई हर शाम के बाद
तेरी याद आई हर बात के बाद
हमने खामोश रहकर भी महसूस कर ली
तेरी आवाज आई हर साँस के बाद


Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. News Remind इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें. इस खबर से सबंधित सवालों के लिए कमेंट करके बताये और ऐसी खबरे पढ़ने के लिए हमें फॉलो करना ना भूलें - धन्यवाद
Good Evening :- हमने खामोश रहकर भी महसूस कर ली तेरी आवाज आई हर Reviewed by DurgaPratap on 4:30 pm Rating: 5

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