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कोरोना वायरस की होती हाइ और माइल्ड स्टेज, एक में बचना मुश्किल तो दूसरी से घबराने की बिलकुल जरूरत नहीं ?

आज के आर्टिकल में हम आपको कोरोना के संक्रमण के बारे में बताने वालेहै जिसमें तुरंत मौत होती है और आपको कोई भी नहीं बचा सकता हैं ?


कोरोना टेस्ट के बारे में बता दे की इसको दो भागों में बांटा गया है, एक हाई और दूसरा माइल्ड ,दोनों में बहुत अंतर है, आपको बता दें कि कोरोना के कई सारे प्रकार है। 


हाई लोड इन्फेक्शन कोरोना क्या होता है :-


इस संक्रमण में देखा जाए तो सांस लेने में काफी ज्यादा दिक्कत होती हैं और 1 मिनट में 30 से कम बार सांस लेता है, फेफड़ों में लिक्विड भर जाता है ,इस वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी बॉडी में नहीं हो पाती हैं, उम्र दराज लोगों में यह देखा जाता हैं। 


ऑक्सीजन की मात्रा असंतुलित हो जाती हैं, एक तरह से देखा जाए तो श्वसन तंत्र काम करना बंद कर देगा और उसे वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी। 


माइल्ड इन्फेक्शन के बारे में बता दें कि जो मरीज होता है वह 10 से 15 दिनों के बीच में रिकवर होने लगता है जबकि हाई लोड इंफेक्शन में देखा जाए तो 12 दिनों के भीतर उसमें लक्षण काफी ज्यादा बढने लगते हैं, माइल्ड केस में कुछ दिनों बाद में ही नेगेटिव इन्फेक्शन दिखने लगेगाजबकि हाय लोड इन्फेक्शन में पॉजिटिव आने लगता हैं। 


चीन के वुहान में आंकड़े बताते हैं कि संक्रमित लोगों में से 80% लोगों को माइल्ड यानी मामूली इंफेक्शन हुआ था जबकि 15% लोगों को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा था उनको खांसी का शिकार, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्या हुयी ,5 % लोगों को हाई लोड इन्फेक्शन हुआ जिससे मौत हुयी। 



दुनिया भर में देखा जाए तो 445815 कोरोना के केस देखे गए हैं जिसमें तीन लाख पैंतालीस हजार केस देखा जाए तो माइल्ड थे जबकि 4 फीसदी गंभीर केस की संख्या 13557 है , इसके अलावा 112017 लोग इस बीमारी से बच चुके हैं। 


इस खबर से सबंधित सवालों के लिए कमेंट करके बताये और ऐसी खबरे पढ़ने के लिए हमें फॉलो करना ना भूलें - धन्यवाद।
कोरोना वायरस की होती हाइ और माइल्ड स्टेज, एक में बचना मुश्किल तो दूसरी से घबराने की बिलकुल जरूरत नहीं ? Reviewed by Deepak saini on 12:30 pm Rating: 5

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