TRADING NOW

recent
loading...

5 पांडुओं से शादी के बाद भी द्रौपदी थी इस शक्श के लिए प्यार में पागल, जात की वजह से नहीं करी शादी, जानिए कौन हैं वो !!

आज हम आपको महाभारत की घटना के बारे में बताने वाले हैं जिसको सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी तो जानिए द्रोपदी की सच्चाई ?


पूरी महाभारत का कारण द्रोपदी थीं बता दें कि महाभारत में द्रौपदी का किरदार काफी ज्यादा जबरदस्त रहा था द्रोपदी पांच पांडवों की पत्नी थी और आज हम आपको वह सचाई बताएंगे जिसको सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी, द्रौपदी पांच पांडवों से सबसे ज्यादा  प्यार अर्जुन को करती थी लेकिन अर्जुन द्रोपदी को ज्यादा प्रेम नहीं कर पाते थे क्योंकि वह कृष्ण की बहन सुभद्रा से बहुत ज्यादा प्यार करने लगे थे। 


पांडवों ने 12 साल के निर्वासाहन के दौरान एक जामुन का गुच्छा लटकते हुए देखा और उसको तोड़कर खाने की इच्छा द्रौपदी ने करी और उसको तोड़ लिया और तभी वहाँ कृष्ण जी प्रकट हुए इसने बताया की इस फल को एक साधु खाकर अपना 12 साल का उपवास तोड़ने वाला था लेकिन तुम्हारी गलती की वजह से अब इसका प्रकोप झेलना पड़ेगा, तब पांचों पांडव उन्हें मदद के लिए हाथ जोड़ने लगे तब  कृष्ण ने बताया की इस जामुन के पेड के नीचे खड़े होकर अपने जीवन का सत्य बताना होगा इसी वजह से आप पर प्रकोप खत्म हो जायेगा और जामुन का गुच्छा वपास पेड़ पर लटक जायेगा। 


सबसे पहले युधिष्ठिर आए और उसने कहा कि दुनिया में सत्य ईमानदारी और सच्चाई का प्रसार होना काफी ज्यादा जरूरी है और बेईमानी नहीं होनी चाहिए, पाण्डु के साथ साथ जो हुआ वह गलत हैं ऐसा बोलते ही एक जामुन का झुमका ऊपर पेड़ पर लटक गया। 


इसके बाद भीम और अर्जुन ने भी सच्चाई बताई फिर द्रोपदी का नंबर आया तो इसने कहा कि मेरे पांच पति मेरी पांच ज्ञानेंद्रियों की तरह हैं, इनका प्यार मिलने के बावजूद भी मुझे कारण बहुत ज्यादा पसंद थे जाती अलग होने की वजह से में इससे शादी नहीं कर पायी यह सच्चाई जानकर पाण्डु भी चौंक गए। 

इस खबर से सबंधित सवालों के लिए कमेंट करके बताये और ऐसी खबरे पढ़ने के लिए हमें फॉलो करना ना भूलें - धन्यवाद। 


5 पांडुओं से शादी के बाद भी द्रौपदी थी इस शक्श के लिए प्यार में पागल, जात की वजह से नहीं करी शादी, जानिए कौन हैं वो !! Reviewed by Deepak saini on 10:00 am Rating: 5

1 comment:

  1. Madharchod randi ke aulad hindu dharm ko badnam karta h

    ReplyDelete

loading...

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.